लेखनी कहानी -26-Apr-2023
सिर्फ जिस्म नहीं.. रूह छू सको.. तो इश्क करना..
लाखों की भीड़ में हक से.. जो उसका हाथ पकड़ सको.. तो इश्क करना...
कपड़े उतारना बाफा का सबूत नहीं.. उसका सिर ठीक करने के लिए.. तो इश्क़ करना...
वो मेरी है वो मेरी है का शोर नहीं.. मैं उसका हूं.. ये कह सको.. तो इश्क करना...
दिल में जीने की बात तो आम है.. उसकी नजर में सको.. तो इश्क करना...
उसे अपने रूप में बदलने की ज़िद नहीं है.. जैसा कि पुरालेख सको.. तो स्याही करना...
बिना उसका एक लफ़्ज़ कहे.. उसकी आँखे पढ़ सको.. तो स्याही करना...
उसके बाद या उससे दूर होने पर.. सवऱ सको.. तो अभिषेक करना...
तोहफो में उसका अलमरिया नहीं.. उसकी मांग भर सको.. तो स्याही करना...💔
अदिति झा
27-Apr-2023 02:46 PM
Nice 👍🏼
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Koshal Verma
27-Apr-2023 03:36 PM
Thnx
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Shashank मणि Yadava 'सनम'
27-Apr-2023 06:37 AM
उसकी नजर में सको,,, जैसा कि पुरालेख सको,,,, स्याही करना,,, इनका भाव समझ नहीं आ रहा,,, कुछ शब्द छूट गए हैं क्या जी
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Shashank मणि Yadava 'सनम'
27-Apr-2023 06:34 AM
बहुत सुंदर सृजन
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Koshal Verma
27-Apr-2023 03:36 PM
Thnx
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